नरसिंहपुर

मीजल्स- रूबैला के टीकाकरण से कोई भी बच्चा न छूटे- कलेक्टर

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जिले में 2 लाख 92 हजार बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य
नरसिंहपुर- 
कलेक्टर दीपक सक्सेना ने मीजल्स- रूबैला टीकाकरण अभियान के संबंध में आयोजित बैठक में कहा कि मीजल्स- रूबैला के टीकाकरण से जिले का कोई भी बच्चा वंचित नही रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चे जो स्कूल और आंगनबाड़ी में दर्ज नहीं हैं, टीकाकरण के दौरान उन बच्चों पर भी विशेष ध्यान दिया जाये। इसके साथ- साथ गुड़- भट्टी, कंस्ट्रक्शन साईट और इसी प्रकार के अन्य स्थानों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चों को भी शामिल किया जाये।
उल्लेखनीय है कि जिले में मीजल्स- रूबैला टीकाकरण के लिए 15 जनवरी से टीकाकरण अभियान चलाया जायेगा। इसमें 9 माह से 15 वर्ष तक के सभी बच्चों का उक्त बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण किया जायेगा। प्रदेश को मीजल्स एवं रूबैला बीमारी से मुक्त करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरपी अहिरवार, अपर कलेक्टर जे समीर लकरा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनीता अग्रवाल, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एआर मरावी, जिला कार्यक्रम अधिकारी एकीकृत बाल विकास सेवा श्वेता जाधव, जिला शिक्षा अधिकारी जेके मेहर, सभी बीएमओ, सीडीपीओ, बीईओ, बीआरसी और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में बताया गया कि जिले में दो लाख 92 हजार से अधिक बच्चों का टीकाकरण किया जाना है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा कार्य योजना प्रस्तुत की गई।
मीजल्स- रूबैला का टीका क्यों जरूरी है
       मीजल्स एवं रूबैला अत्यंत संक्रामक एवं घातक बीमारियां हैं। मीजल्स से बच्चों में विकलांगता, मस्तिष्क बुखार, निमोनिया, डायरिया, चेहरे पर लाल- गुलाबी चकतों के निशान, बुखार, खांसी, नाक का बहना, आंखों का लाल होना आदि रोग होते हैं। वहीं रूबैला से स्त्री को गर्भावस्था में संक्रमण होता है, तो यह नवजात शिशुओं के लिए घातक साबित हो सकता है। संक्रमित माता से जन्में बच्चे में जन्मजात विसंगतियों से पीड़ित होने की आशंकायें बढ़ जाती हैं। रूबैला से आंख, कान, मस्तिष्क और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। रूबैला से गर्भवती स्त्री में गर्भपात, अकाल प्रसव एवं मृत प्रसव की आशंकायें बढ़ जाती हैं। इन घातक बीमारियों से बचाव के लिए भारत सरकार द्वारा विश्व स्वास्थ्य संगठन की सहायता से मीजल्स- रूबैला टीकाकरण का विशेष अभियान चलाया गया है। इस अभियान में 9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों का अनिवार्य रूप से टीकाकरण किया जायेगा। जिन बच्चों को पूर्व में उक्त टीके लग गये हों, उन्हें भी यह टीका लगाया जाना जरूरी है।
मीजल्स- रूबैला के प्रति पालकों को भी जागरूक करें
       बैठक में कलेक्टर दीपक सक्सेना ने कहा कि मीजल्स- रूबैला जैसी बीमारियों के प्रति पालकों को भी जागरूक किया जाये। उन्होंने संबंधित विभागों से कहा कि पालकों को इन रोगों की रोकथाम के लिए भारत सरकार द्वारा चलाये जा रहे टीकाकरण अभियान की जानकारी दें। पालकों को बतायें कि टीकाकरण के लिए लगाये जाने वाले वैक्सीन का पूर्णत: सुरक्षित होना डब्ल्यूएचओ द्वारा प्रमाणित है। सभी शासकीय व अशासकीय विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों को टीका लगाया जायेगा।

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