नरसिंहपुर

ठेकेदार, श्रमिक, किरायेदार व नौकरों संबंधी जानकारी थाने में देना अनिवार्य

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जिला दंडाधिकारी द्वारा धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
नरसिंहपुर, 18 जुलाई 2018.
जिला दंडाधिकारी अभय वर्मा ने जन सामान्य के हित, जानमाल की सुरक्षा, लोक शांति, कानून व्यवस्था बनाये रखने के मकसद से दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार जिले में बाहर से आकर काम करने वाले ठेकेदार, श्रमिक, किरायेदार, नौकरों की जानकारी थाने में देकर उनका सत्यापन अनिवार्यत: कराया जाना है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।
जारी आदेश में जिला दंडाधिकारी ने निर्देशित किया है कि जिले में स्थापित विभिन्न संस्थान, उद्योग, खांडसारी, सुगर मिल एवं अन्य संस्थानों में जिले की सीमा के बाहर से आकर काम करने वाले अधिकारी- कर्मचारी एवं श्रमिकों के बारे में पूर्ण जानकारी संस्थान के स्वामी/ प्रबंधन द्वारा प्रदान की जावे तथा प्रशासन द्वारा उन पर निगरानी रखी जावे। कार्यरत श्रमिक/ स्टाफ के पहचान पत्र जैसे वोटर आईकार्ड या पेन कार्ड आदि अभिलेख प्रदाय करने की जिम्मेदारी संबंधित खांडसारी मिल, सुगर मिल संचालक एवं अन्य संस्थानों के प्रबंधकों/ मालिकों की होगी।
होटल, लाज, धर्मशाला एवं अन्य स्थलों में बाहर से आकर रूकने वाले यात्रियों, आंगतुकों की जानकारी आवश्यक रूप से संबंधित पुलिस थाना को तत्काल उपलब्ध कराई जावे। ठहरने वाले व्यक्ति के पहचान पत्र उपलब्ध कराने की संबंधित होटल, लाज, धर्मशाला, अन्य स्थानों के प्रबंधक/ मालिकों द्वारा तत्काल पुलिस थाने को प्रदान की जावे।
एनटीपीसी गाडरवारा में स्थाई स्टाफ के अलावा अन्य आंगतुक कर्मचारी, ठेकेदार, श्रमिकों की जानकारी, उनकी सूची चरित्र सत्यापन प्रतिवेदन के साथ संबंधित पुलिस थाना एवं अनुविभागीय दंडाधिकारी को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जावे। यह जानकारी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी एनटीपीसी गाडरवारा के महाप्रबंधक की होगी।
नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मकान मालिकों द्वारा अपने मकान किरायेदारों को दिये जाते हैं और घरों में घरेलू कार्य के लिए नौकर रखे जाते हैं। ऐसे प्रत्येक भवन मालिक को जिला दंडाधिकारी ने निर्देशित किया है कि वे किरायेदारों एवं घरेलू नौकरों के संबंध में सूची चरित्र सत्यापन प्रतिवेदन तथा उनके पहचान संबंधित दस्तावेज अनिवार्य रूप से निकटतम थाना को घरेलू नौकर रखने के एक सप्ताह के अंदर अनिवार्य रूप से उपलब्ध करावें।
उल्लेखनीय है कि पुलिस अधीक्षक द्वारा जिला दंडाधिकारी को अवगत कराया गया कि जिले में स्थित होटल, लाज, धर्मशाला एवं अन्य संस्थानों में रूकने वाले यात्रियों की सम्पूर्ण जानकारी क्षेत्रीय पुलिस थाना एवं अनुविभागीय दंडाधिकारी को प्रदान नहीं की जाती है, जिससे किसी प्रकार के आपराधिक, अवैध गतिविधि के संचालित होने की जिले में आशंका बनी रहती है। बाहर से आने वाले ठेकेदार, श्रमिक एवं किरायेदार, नौकरों की जानकारी थाने में नहीं दी जाती है और ना ही उनका सत्यापन कराया जाता है, जिससे जिले में सुरक्षा एवं लोक शांति बनाये रखने के लिए बाहर से आने वाले व्यक्तियों के सम्पूर्ण विवरण की जानकारी देने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश पारित किया जाना आवश्यक है, ताकि लोक सम्पत्ति एवं मानव जीवन की सुरक्षा पर आसन्न खतरे को कम किया जा सके। साथ ही असामाजिक एवं अवांछनीय गतिविधियों के संचालन पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाया जा सके।

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