नरसिंहपुर

युवा विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं का लाभ उठायें

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जनजातीय कार्य विभाग द्वारा युवाओं से आवेदन आमंत्रित
नरसिंहपुर, 25 जून 2018.
जिला संयोजक जनजातीय कार्य विभाग नरसिंहपुर द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना एवं मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के अंतर्गत युवक- युवतियों से आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। आवेदन जिला संयोजक जनजातीय कार्य विभाग आदिवासी वित्त एवं विकास निगम नरसिंहपुर के कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित कक्ष क्रमांक 20 से नि:शुल्क प्राप्त किये जा सकते हैं एवं जमा किये जा सकते हैं।
जिले में निवासरत अनुसूचित जनजाति- आदिवासी वर्ग के शिक्षित एवं कम पढ़े लिखे बेरोजगार युवक- युवतियों को अपना स्वयं का स्वरोजगार स्थापित करने के लिए बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जायेगा।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 50 हजार से 10 लाख ऋण का प्रावधान है। इस योजना में 30 प्रतिशत अधिकतम 2 लाख की मार्जिन मनी सहायता एवं ब्याज अनुदान 5 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से और महिला उद्यमी हेतु 6 प्रतिशत की दर से अधिकमत 7 वर्षो तक दी जायेगी।
इसी प्रकार मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना अंतर्गत 50 हजार तक का ऋण का प्रावधान है। इस योजना में 50 प्रतिशत अधिकतम 15 हजार रूपये मार्जिन मनी की सहायता दी जायेगी। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत स्वयं का उद्योग लगाने के लिए 10 लाख से 2 करोड़ रूपये तक का ऋण का प्रावधान है। इस योजना में सामान्य आदिवासी को 15 प्रतिशत अधिकतम 12 लाख रूपये और बीपीएल श्रेणी हेतु 20 प्रतिशत अधिकतम 18 लाख मार्जिन मनी सहायता दी जाती है। ब्याज अनुदान 5 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से और महिला उद्यमी हेतु 6 प्रतिशत की दर से अधिकतम 7 वर्षो तक दी जायेगी। इस योजना से मिनी राईस, मिल, पोहा मिल, दाल मिल, गिट्टी क्रेशर आदि उद्योग लगाये जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना में केवल कृषक के पुत्र एवं पुत्री स्वयं का उद्योग- सेवा स्थापित करने हेतु 50 हजार से 2 करोड़ रूपये तक का ऋण लेने का प्रावधान है। सामान्य आदिवासी को 15 प्रतिशत अधिकतम 12 लाख व बीपीएल श्रेणी हेतु 20 प्रतिशत अधिकतम 18 लाख मार्जिन मनी सहायता दी जाती है। ब्याज अनुदान 5 प्रतिशत की दर से महिला उद्यमी हेतु 6 प्रतिशत की दर से अधिकतम 7 वर्षो तक जायेगी। उक्त योजना में कृषि आधारित परियोजनायें एग्रों प्रोससिंग, फ्रूड़ प्रासेसिंग, कोल्ड स्टोरेज, मिल्क प्रोसेसिंग, केटल फीड, पोल्ट्री फीड, कस्टम हायरिंग सिंस्टम, वेजीटेबल डीहाईड्रेशन, टिशू कल्चर, दाल मिल, राईस मिल, आईल मिल, फ्लोर मिल, बेकरी मसाला निर्माण, सीड ग्रडिंग- शांटिंग और अन्य कृषि आधारित- अनुशांगिक परियोजनाओं को प्राथमिकता है।

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